
गांजा और लंबे समय का दर्द: असल में क्या उम्मीद रखें
कुछ मरीज़ों को फ़ायदा मिलता है, कई को नहीं, और असर ओपिओइड से कम पर साइड इफ़ेक्ट भी कम। रिसर्च, बिना बढ़ाए।
रिसर्च बताती है कि गांजा लंबे समय के दर्द में कुछ मरीज़ों को मामूली राहत दे सकता है, सबसे ज़्यादा नसों के दर्द (न्यूरोपैथिक) में, लेकिन यह सबके लिए काम नहीं करता और असर आमतौर पर छोटा होता है। सबसे अच्छी तरह परखे गए रूप THC और CBD के मेल वाले हैं, डॉक्टर की देखरेख में। यह मेडिकल सलाह नहीं है: लंबे दर्द का इलाज डॉक्टर के साथ तय होता है, और गांजे की कानूनी स्थिति हर देश और राज्य में अलग है, भारत समेत कई जगहों पर प्रतिबंधित।
सबूत कहाँ मज़बूत है, कहाँ नहीं
- न्यूरोपैथिक दर्द (नसों का): सबसे ज़्यादा अध्ययन और सबसे साफ़ नतीजे, फिर भी असर मामूली।
- मल्टीपल स्क्लेरोसिस में अकड़न: THC+CBD स्प्रे पर ठोस डेटा, कई देशों में डॉक्टर की पर्ची पर।
- पीठ, जोड़ों और फ़ाइब्रोमायल्जिया का दर्द: मिले-जुले नतीजे; मरीज़ फ़ायदा बताते हैं, अध्ययन कम साफ़।
- कैंसर का दर्द: सीमित डेटा; मतली और भूख में मददगार दिखता है, दर्द में कम।
कौन सा रूप, कितनी डोज़
दर्द के लिए सबसे ज़्यादा स्टडी हुए हैं मुँह से लिए जाने वाले एक्सट्रैक्ट और स्प्रे, तय THC:CBD अनुपात के साथ, और वेपोराइज़ की हुई फूल; धुआँ फेफड़ों के लिए सबसे खराब रास्ता है। अध्ययनों में डोज़ छोटी होती हैं, कुछ मिलीग्राम THC, धीरे-धीरे बढ़ाई हुई, और CBD घबराहट कम रखने के लिए। मरीज़ बताते हैं कि असर दर्द «मिटाने» से ज़्यादा उसे «कम चुभने» जैसा है। यह सब वहीं संभव है जहाँ मेडिकल पहुँच कानूनी है और डॉक्टर साथ है।
जोखिम जो नहीं भूलने चाहिए
चक्कर, नींद, मुँह सूखना, और THC से ध्यान में कमी, खासकर बुज़ुर्गों में, जहाँ गिरने का खतरा असली है। लंबे इस्तेमाल से सहनशीलता और निर्भरता बन सकती है। CBD लिवर के एंज़ाइम से दूसरी दवाओं का स्तर बदल सकता है, खून पतला करने वाली दवाओं समेत। दिल की बीमारी, मानसिक बीमारी का इतिहास, गर्भावस्था: इनमें डॉक्टर और सावधान रहता है।
जो दवा कुछ लोगों के लिए मामूली काम करती है, वह झूठे वादों से ज़्यादा ईमानदार है।
डॉक्टर से क्या बात करें
पूछिए कि आपके दर्द के प्रकार के लिए क्या सबूत है, आपकी दवाओं से क्या टकराव हो सकता है, और सबसे ज़्यादा परखा हुआ रूप और डोज़ क्या है। पूछिए कि आपके इलाके में कानूनी रास्ता है या नहीं: अगर नहीं है, तो अनौपचारिक बाज़ार का प्रोडक्ट बिना टेस्ट और बिना डोज़ के आता है, और कानूनी जोखिम अलग। लंबे दर्द में सबसे ज़्यादा काम आता है एक टीम, कोई एक चीज़ नहीं।
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